आज मैं अपने पुराने दोस्त कवी से मिलने के लिए आतुर हो रहा था , २० बरसो बाद हम मिल रहे थे। उसके बेटे के एक हादसे म मृत्यु हो गयी थी। तब मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए दूर एक पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में था !वो एक डॉ हैं , और मैं अब एक थाना इंचार्ज ! उसके बेटे की हादसे में मृत्यु हुयी पता नहीं करीब २- ३ साल हो चुके हैं ! इतने साल बाद मिलने के कारण मेने उसकी फॅमिली को देखा नहीं न कभी मिला , वो भी मेरी फॅमिली से कभी मिला नहीं ! अभी कुछ समय पहले मेरे दोस्त को डॉक्टरेड के लिए पुरुस्कार मिला जब उसका नाम और शक्ल देख कर मुझे वापस उसकी याद आयी और अब पता किया तो वो उसी शहर में रहता हे जहाँ मेरी पोस्टिंग हुयी हैं ! अभी कुछ दिन पहले ही मैं यहाँ आया और काफी पेंडिंग केसेस की फाइल को देख रहा था ! फिर थोड़ा अपने दोस्त के बारे में पता कर उससे फ़ोन पर बात की ! मेरा और उसका मिलना या कहे ड्यूटी टाइम अलग अलग होने क कारन बहुत मुश्किल से टाइम मिला। अपनी कार से जैसे ही उसके गर पहुंचा , एक बुजुर्ग मैं गेट खोलने आये ! सोचा शायद ये कोई नौकर होगा मगर वो बोले की आप बैठो तब तक मेरा बेटा आता होगा , मेने झुक कर प्रणाम किया और गलती का अहसास हुआ ! अंकल के बाल और कमज़ोरी क कारण काफी थके और कमज़ोर लग रहे थे !थोड़ी देर में मेरा दोस्त कवी आ गया ! मैं अभी सिविल ड्रेस में था , उसने हाथ मिलाया और गर्म जोश से गले भी लगाया ! मुझे वो शुरू से पसंद था।। मैं उसे कवी जबकि पूरा नाम राजकवि हैं और वो मुझे भुवि कहता था। मेरा पूरा नाम भूपेंद्र हैं। मगर हम कभी दोनों एक दूजे को पूरा नाम लेकर नहीं बुलाते थे , उसकी बातें बहुत ही प्यारी और दिल को छू लेने वाली हो गयी। जबकि वो बहुत काम बोलकर बहुत गंभीर रहने वाला होता था ! बातों बातों मैं पता चला की भाभी भी बेटे के हादसे के बाद दिमागी हालत ज्यादा ख़राब हो गयी और फिर फिर उसको पास में एक मेन्टल हॉस्पिटल मैं भर्ती करवाया गया ! कवी अपने काम में इतना खो गया की आज वो पुरे राज्य में अपने फील्ड म सबसे उत्तम डॉ ह और राज्य सर्कार ने उसके स्किन एंड प्लास्टिक सर्जरी के लिए पुरुस्कृत किया ! मेने भी अपनी पोस्ट और पुलिस की शाख का बखान कर दिया ! उसके घर की सजावट और सामानों से लगता हैं की सभी वस्तुओ को सही और तरीके से संभालता हैं ! उसने बताया की बेटे का इंजीनियरिंग का और मशीनों का बहुत लगाव था ! हॉकी का वो एक अच्छा प्लेयर भी था ! कवी ने अपने घर को खुश खास तरह से सजाकर रखा हे ! मगर उसकी बातें कुछ समझ में आ रही थी की उसके बेटे की मृत्यु का या उसका जो भी कारन रहा था उसको थोड़ा कही दिल को ठेस या कहे पछतावा लग रहा था , में तो यही सोच रहा था की वो खुद डॉ हे इसलिए बचा नहीं पाया हे इसलिए। सही भी हे मेरा सोचना ! वह से निकल कर में अपनी कुछ केसेस की पेंडिंग फाइल घर ले आया। सबकी स्टडी धीरे धीरे कर रहा था। एक बात अजीब लगी की एक बैंक अफसर की जिसने लूट के बाद हत्या की वही कुछ देर बाद अपने घर में मृत मिला। लुटा हुआ सामान भी मिला , नहीं मिला तो केवल नकद राशि ! उस लुटेरे का चेहरा कक्तव म ए चेहरे से और लाश म थोड़ा अंतर भी था ! सायद उसके मृत्यु के समय कोई चहेरे पर खास निशान था या यु कहु की उसका चेहरा बिगाड़ा हुआ था ! उसके केस म पूछताछ करने पर कही कोई सुराख़ नहीं मिला ! पिछले अफसर ने भी शायद कुछ विशेष जानकारी नहीं जोड़ पाया ! मेने भी ऐसी तरह के २ ३ केस बंद कर दिए ! कवी से कभी कभार मुलाकात के बाद में भी थोड़ा सा अपने आप को उसके दुःख में सम्मलित करने लगा मगर वो मुझे दूर रखता था ! ऊपरी हसी के साथ वो मुझे इग्नोर करने लगा ! में अपने आपको कार्य में व्यस्त बताकर दुरी बनाने लगा की किसी की जबरदस्ती मदद या संतना नहीं दे सकता!पास के शहर में भी एक मर्डर हुआ जिससे मुझे वह स्पेशल दौरे पर बुलाया गया ! वह एक लुटेरे ने किसी डॉ की लूट के बाद हत्या हर दी मगर उसके कुछ देर बाद वो खुद को आग के हवाले कर आत्महत्या कर ली ! बड़ी अजीब हालत हो गए ! एक मेरे शहर म दो लुटेरों ने लूट कर अपने आपको मर डाला जिससे उनके चेहरे भी ख़राब हो गए ! एक बात मुझे अजीब लगी ! लूट के कुछ समय बाद ये लुटेरे आत्महत्या क्यों कर रहे हे ! मेने स प हसाहब से स्पेशल रिक्वेस्ट करके सभी केसेस को अपने पास ले लिया ! मुझे इसमें एक असिस्टेंट की आवस्यकता थी तो दूसरे शहर क एक थाना इंचार्ज शर्माजी को मेरे साथ लगा दिया। ! हम दोनों जब भी मिलते इस प्रकार के सभी केस की बारीकी से जाँच करते थे ! उसी समय एक अन्य शहर में ऐसी एक और घटना हुयी ! उसका कक्तव फुटेज देखने से पता चला की इस बार जो चेहरा सामने आया वो शर्माजी के शहर में लूट कर आतमहरया करने वाला ही था। हूबहू वही शक्ल ! में और शर्मा जी उसी शहर में अपनी टीम के साथ गए और सरे फुटेज और लूट का सामान ले कर आये ! अभी हम आपने हेड क्वाटर पहुंचे ही थे की एक और डॉ के मर्डर की खबर आ गयी ! में और शर्मा जी कुछ निष्कर्ष पर बात कर रहे थे की लूटने वाले का वही आत्महत्या वाला समाचार आ गया !। मेने उस ठाणे म पता किता तो वो भी कद काठी शक्ल आदि से वैसा ही था ! अब हमे यकीं हो गया की लूटने वाला डकैती करके सरे साबुत के साथ किसी और का मर्डर कर वही सामान छोड़ जाता ह और चहरे को ज्यादा नुकशान दे रहा ह जिससे सभी उसको मारा हुआ समझ ले ! सभी केसेस को एक बार वापस स्टडी करने पर मिलान करने को में और शर्मा बैठ गए। ! आज सभी सबूतों को एक एक कर मिलान करेंगे !इसमें बहुत साडी बातें सामने आये ! कद करीब 5 ११ का और वेट भी ७०-८० के बिच के ! ग्लोसे पहने हुए क कारन फिंगर प्रिंट नहीं आये मगर शक्ल लगभग एक सी।। जैसे कोई जुड़वाँ हो ! सभी डॉ की हत्या और सभी के घर से नगदी ज्यादा और सोने चंडी काम लेकर गए ! और लूटने क ५ घंटे में आत्महया ! बड़ा विचित्र हे ऐसा केस ! सैंपल आदि लेकर जब फोरेंसिक लैब गए तो आत्महत्या का कारन जलना या चेहरे सर पर गोली मरना आय्या ! मेने सोचा एक बार डॉ कवी मेरे दोस्त से बात की जाये या उसको थोड़ा सतर्क किया जाये ! समय ले कर में कवी से मिलने की बात की तो उसने एक दिन बाद का बोलै की मुझे अर्जेंट काम से बहार जाना ह।। अभी कुछ समायी से उसका दूसरे शहर का ज्यादा दौरा हो रा हैं बता रहा था। ! में भी एक दिन बाद मिलने का बोलै ! सुबह जब मॉर्निग वाक के बाद घर पहुंच कर ऑफिस जाने को रवाना होने का था की शर्माजी का फ़ोन आ गया ! पास के एक और शहर में किसी डॉ को मर डाला ! वह अर्जेंट जाना हे ! बिना खाना खाये हम लोग निकल पड़े ! डॉ अपने क्लिनिक पंहुचा ही नहीं था की उसकी गोली मर कर हत्या कर दी ! सिर्फ एक लड़के ने उसके चहरे को देखा जो पास में झाड़ू लगा रहा था मगर वोभी कुछ खास नहीं बता पाया ! हम उस एरिया म कक्तव देखने का प्रयास कर रहे थे की करीब ५ कम दूर एक ट्रक ने किसी को तकर मरकर भाग गया ! हम वह भी पहुंचे ! उसके पास डॉ का किट था ! शायद यह डॉ ह मगर उसके ड्रेसिंग से कोई उठाईगिरा लग रहा था ! बैग तलासने पर अभी जी डॉ कागोली मारकर हत्या हुयी उसका बैग निकला ! ओह्ह ये तो वो लुटेरा ह मगर इसको इतना बुरा सर कुचला की इस लुटेरे की पहचान करना बहुत मुश्किल हो गया ! हिघ्त भी वही।। कुछ हद तक वैसा ही हे जैसा पिछले कुछ दिनों से डॉ की हत्या करके आत्महत्या करने वाले लुटेरे , मगर इस बार वो खुद ट्रक के निचे आ गया ! सभी शाक्य झूठा कर में और शर्माजी के साथ पूरी टीम वही पुलिस ऑफिस ठाणे म आ गए ! हम ट्रैफिक कमरे को देखना चाहते थे मगर उस लुटेरे की शक्ल एक बार हलकी सी नज़र आयी और ट्रक जो बिना नंबर का था उसको मरने की टाक में थोड़ी दूर खड़ा था ! कुछ समझ नहीं आ रहा था। क्युकी जिन हत्यारो को हम पकड़ने की कोशिश कर रहे ह वो ठोस समय बाद कल को समर्पित हो रहे ह ! शर्मा जी सरे ट्रैफिक सिंगला के कमरे देखकर ये बता रहे थे की वो कहा से आया और किसके साथ आया मगर ज्यातर कमरे में पूरी रिकॉर्डिंग नहीं मिली ! इतना पता चला की वो सभी लुटेरे लोकल ही थे। अभी किसी के गुमशुदा की रिपोर्ट भी नहीं आयी ह ! जिससे हम उनके परिवार के साथ कुछ पूछताछ कर कही सुराग ढूंढ पाए ! शर्माजी को मेने सभी शहर जहा जहा हत्या हुयी या लुटेरे ने आत्महत्या की उनके आस पास के ट्रैफिक सिंगला का फुटेज देखने को कहा ! उन्हें भी कोई साबुत नज़र नहीं आया !दिन बढ़ीं डॉ की हत्या के कारण मुझे कवी की टेंशन होने लगी ! मगर वो बेफिक्र होगर आपने काम में लगा रहा ! में और शर्माजी अब आखरी उम्मीद से सभी डॉ के घर जाकर उनकी रिपोर्ट बनने लगे। ! पहले तो सभी के यहाँ नार्मल विजिट की क्युकी अभी अभी हत्या हुयी ह तो घर में कुछ गमनीन माहौल बना हुआ हे इसलिए , इतने मैं शर्माजी का ध्यान उनकी डॉ लाइफ पर गया ,मुझे कहा की ें सभी की लाइफस्टाइल और फ्रेंड्स की डिटेल्स निकलते हे जिससे शायद हम किसी नतीजे पर पहुंचे ! सभी डॉ एक दुझे को जानते जरूर थे मगर उनके आपस में मिलने का किसी को कोई जनकारी नहीं हे ! मगर एक बात जरूर थी की उन सभी का हड्डियों की डॉ थी और कभी ये सभी एक साथ काम करते थे ! डॉ म होता भी की एक ही कॉलेज म और एक ही सब्जेक्ट में वो साथ साथ ट्राइंग और डॉ करते हे ! कल सुबह मुझे फिर डॉ कवी से मिलना ह और अभी मुझे उसका कन्फर्म करना होगा ! डॉ कवी से बात की तो उसने सुबह जल्दी मिलने को बोलै और कहा की ऑपरेशन के लिए दूसरे शहर जाना होगा !
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