Wednesday, 13 April 2016

यादों का सिलसिला

यादों का सिलसिला 
हर दिल में  कोई न कोई गम होता हैं
प्यार का कोई सिलसिला होता हैं
ये थोड़ा आवारा किस्म का होता हैं
ये थोड़ा पागल सा  होता हैं
ये यादों का सिलसिला होता हैं
इसमें जख्म बहुत होता हैं
इसमें लब्ज़ बहुत भरा होता हैं
इसमें दर्द का सामान भरा होता हैं
हर कोई अकेला  होता हैं
हर कोई बेसाहारा होता हैं
हर एक में यादों का सिलसिला होता हैं
मुझसे ज्यादा दर्द नहीं ये सब में होता हैं
मुझसे बदनसीब कोई नहीं ये सब में होता हैं
मुझसे ही शुरू  यादों का सिलसिला होता हैं
ये सब नज़र का धोखा होता हैं
ये सब समय का रचा होता हैं
ये सब यादों का सिलसिला होता हैं
दुनिया में सुख भी होता हैं
दुनिया में दुःख भी होता हैं
दुनिया में सिर्फ यादों का सिलसिला होता हैं
समझ सब को होता हैं
समझ किसी को नहीं होता हैं
समझ में  सिर्फ यादों का सिलसिला होता हैं
कहना किसी को नहीं होता हैं
कहना  सभी को होता हैं
कहना सिर्फ यादों का सिलसिला होता हैं
भूलने को  सभी को कहना होता हैं
भूलने का  किसी से नहीं होता हैं
भूलने नहीं को ही यादों का सिलसिला होता हैं





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