Thursday, 21 April 2016

वेलकम महात्माजी

वेलकम महात्माजी 
     

   इन दोनों को कौन नहीं जनता हैं।  कभी ये दोनों गुंडागर्दी में अव्वल थे तो कभी सीधी साधी ज़िन्दगी बितायी ,
 कामयाब होते हुए भी नाकामयाब रहे।  सही पहचाना , ये हे उदय शेट्टी और मजनू भाई।  आज भी दोनों
औरतों के सताए हुए अकेले अपने महल नुमा घर में छोटे से बार में बैठे हैं।  गम सिर्फ इतना हे कि पहले भी लड़की धोखा दे गयी और बाद में भी।  जिस किसी के पीछे भागे वो सब हासिल किया सिवाय लड़की के।
इसलिए उदय भाई ने मजनू से ड्रिंक करते कहा
उदय  ....  देख मजनू।  आज तक हर लड़की के पीछे भागे और मुंह के बल घिरे।  कमबख्त हर बार लड़की भी एक ही मिली दोनों को।  इसलिए मेने सोचा हैं की हम सन्यास लेकर हरिद्वार चले ।
मजनू  ... उदय भाई। . सही बोलू तो आपकी तो उम्र भी हो गयी।  ऐसा करो आप अकेले ही जाओ क्योकि जब भी आपने आईडिया दिया हम बर्बाद हुए।  इसलिए भाई आप जाओ।
उदय  ... टिक हैं मैं अकेला चला जाता हूँ अगर तू मेरे बगैर रहा सकता हैं तो।  बोल रहा पाएगा।  नहीं न।
बोल रहा हु चल मेरे साथ।
आस पास के चमचे भी बोले की भाई चलो  इसी  बहाने हम भी अपने घर जायेंगे।  थोड़ा पैसा और इज्जत कमाएंगे।
मजनू   ... अबे भेन के टको । ..तुम्हे कोई घर में घुसने नहीं देगा।  और रही इज्जत की ज़िन्दगी।  अबे तुम्हारे पास हे क्या जो तुम्हे इज्जत मिलेगी।
वकील। ..  भाई हमारे पास बीवी और बच्चे हैं   . आप लोगो को तो सन्यास के अलावा कुछ करना भी नहीं चाहिए।
मजनू  ..... सुन लो उदय भाई , ये आपके कल के छोकरे हमे बता रहे हैं कि इज्जत क्या होती हैं
मैं तो कहता हु भी फिर से वही पुराना हफ्ता वसूली का काम करते हैं   ... इन सन्यासियों में क्या रखा हे।
उदय   . देख मजनू   .. सन्यासी किसको बनना हैं   . हिंदुस्तान में इतने सारे बाबा घूम रहे हे।  हम भी एक दो आश्रम खोल कर पैसा कमाएंगे।  क्यों डरता हैं।  मैं हु ना और वैसे भी मेरा बाप भी वही गया हैं सन्यासी बन कर
रह रहा हे तो चलो हिंदुस्तान।
उदय और मजनू हरिद्वार में एक बड़ा सा आश्रम खोले हैं।  नाम रखां   .......  उदय बाबा का आश्रम।
उदय महाराज आज सुबह से अपने आसान पर बैठे हुए हैं।  मजनू भाई उनके रक्षक यानि बॉडीगॉर्ड।  क्योकि मजनू को बाबा वबा नहीं बनना हैं।  आज महाराज श्री उदय बाबा का मौन व्रत हैं।
पुरे शहर में घोषणा हो चुकी हे की एक बहुत ही ज्ञानी महाराज आये हैं जो पिछले १० सालो से तपस्या कर रहे हैं
और कल वो सबकी भविष्य वाणी बताएँगे ।  जिस किसी को आशीर्वाद लेना हो वो अपनी अपनी सीट बुक करवा ले।
उदय अपनी पुरानी  टीम को सारे काम बताए।  सबने अपनी मर्ज़ी से और अपने दिमाग से काम संभल रखा हे.

























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