Saturday, 23 April 2016

वेलकम महात्माजी ४

वेलकम महात्माजी  ४
सारे लड़के जब पता कर वापस आये तो दोनों की हवा निकल गयी क्योकि वो इस शहर की पुलिस इंस्पेक्टर निकली।  अब दोनों मारे डर  के इधर उधर बंगले झाकने लगे. उन्हें याद आया की घुंघरू डॉ भी उनके साथ हैं।  और अब वो ही इस मुशीबत से निकल सकते हैं। दोनों डॉ घुंघरू को होटल में पकड़ते हैं।  दोनों डॉ घुंघरू के पाँव में गिर पड़ते हे।
उदय  ... घुंघरू जी आप हमारे समधी जी भी हैं।  और आपको पता हैं की हमारे पास सब कुछ हैं  .. धन दौलत। . थोड़ी बहुत इज्जत। .
डॉ घुंघरू  ...  इज्जत  ? तुम दोनों की कोनसी और कितनी इज्जत हैं मुझे पता हैं।
मजनू  ..... देखो घुंघरू सेठ। . भाई आपसे रिक्वेस्ट कर रहा हैं और आप हो के हमारी बजाने में लगे हो।
डॉ घुंघरू  ... तुम दोनों सही में अब फसे हो।वहां तुम्हारी चलती थी मगर यहाँ भारत में तुम दोनों की बेंड नहीं बजवाई तो देख लेना।  तुम हो ही साले कमीने।  तुम लोगो को तो सारी उम्र जेल में डाल  देना चाहिए।
इतने में कल्लू ने आकर मजनू भाई के कान में कुछ कहा।  और मजनू भाई जोर जोर से हसने लगे।
डॉ घुंघरू और उदय शेट्टी ाचचम्भे में पड़ गए।
मजनू  ..  देखो सेठ घुंघरू।   आपने जिस तरीके से सेठ चतुर्वेदी के साथ मिल कर यहाँ जो खेल खेल हैं वो
कौनसा सही हैं।
उदय  ... कौनसा खेल मजनू। ?
मजनू  .. भाई ये और चतुर्वेदी सेठ मिलकर यहाँ जो हस्पताल खोल रहे हैं वो जमीन इन्होने एक बूढ़ी औरत को बहुत ही कम दाम में खरीदी हैं।  और जो कॉन्ट्रैक्ट लिया वो भी अपने उस  इंस्पेक्टर के जोर से और सिफारिश से लिया हैं। क्योकि चतुर्वेदी सेठ यहाँ का बहुत ही बड़ा ठेकेदार हैं और वो ऊपर तक रिश्वत देकर काम करवाता हैं।  अब बोल घुंघरू सेठ। . किसको जेल भेजेगा पहले।
डॉ घुंघरू /......  ये ये ये मुझे पता नहीं।  में तो  केवल चतुर्वेदी जी का इलाज करने आया था तो उन्होंने ये प्लान किया  .. में इसमें शामिल नहीं हूँ।
उदय  .. देखो समधी जी। . आज भी आप जोश में बहुत कुछ बोल गए।  ऐसा होता हैं। अब  हम एक काम करते हैं आपके सारे प्लान के पेपर मंगवा लेते हैं फिर आप देखिये की कौन कौन क्या करता हैं।
डॉ घुंघरू  ...   देखो ये सरासर अन्याय हैं।  वो सभी इज्जतदार लोग हैं।
मजनू  ... सेठ हम भी कोनसे इज्जत दार नहीं हैं। . पूरा शहर जानता हैं की वो लड़की कितना रिश्वत खाती हैं।  और उसका बाप उसके दम पर करोडो कमा रहा हैं।  नहीं पता हैं तो जाकर पूछ उस सेठ से।
डॉ घुंघरू वहां से सीधे चतुर्वेदीजी के घर जाते और जब पता करते हैं तो पता चलता हैं की दोनो  बाप बेटी मिलकर लोगो को लूट रहे हैं।
डॉ घुंघरू के लिए इधर खाई तो उधर कुआ।  करे तो क्या करे।  मजनू ने धमकी भी दी हैं की उस लड़की पारुल से दोनों में से एक से शादी करवानी पड़ेगी।  सोच रहे थे की साले सब के सब यहाँ भी वैसे ही हैं जैसे दुबई में।  हे भगवान् उठा  ले  ....... इन सब को।  क्या करू कुछ समझ  में नहीं आ रहा हैं।
जेसे तेसे वो चतुर्वेदीजी को बोलता हैं की जल्दी से कुछ करो वरना ये दोनों गुंडे हम लोगो को फंसा सकते हैं।
चतुर्वेदीजी। ..... डॉ साब ये दोनों कुछ नहीं कर सकते हैं।  ये हमारे झाल  में फंस गए हैं और जो भी माल यहाँ  कमाया और साथ में लाये , सब हमे दे कर जायेंगे।
बाप और बेटी दोनों जोर जोर से हंसने लगे।
डॉ घुंघरू मन में सोच रहा था की वो आप दोनों के बाप हैं।  उन्हें एक आईडिया आया।
डॉ घुंघरू। .  पारुल बेटी एक काम करो उनको फ्रॉड के केस में अंदर कर दो जिससे वो दोनों यहाँ कई महीनो तक
केस लड़ते रहेंगे और अगर जमानत पर बहार भी आ गए तो कमसे कम देश छोड़ कर नहीं जा सकते हैं।
फिर में भी आराम से वापस घर चला जाऊंगा।
पारुल  ..  अंकल अगर इनदोनो को पकड़ कर जेल में डाल  दूंगी तो सारा  माल तो सरकार के पास चला जाएगा।
और हमारे पास क्या आएगा। . तम्बूरा। ... नहीं अंकल नहीं   .. बड़ी मोटी मछली हाथ में आई हैं और वो भी इम्पोर्टेड।  कोई नहीं कह पाएगा हमे की हमने किसी को लुटा हैं और दोनों को बाद में देश से बाहर भेजवा देंगे।और रही आपकी बात तो आपने भी तो जो जमीन खरीदी मतलब पापा ने आपको दिलवाई हैं हस्पताल के लिए , उसकी मालकिन कल रात को ट्रैन से कट कर मर गयी।  आप तो फंस गए क्योकि अंतिम बार आपने ही उसके साथ सौदा किया और वो भी बहुत ही कम दाम में। हा हा हा
डॉ घुंघरू  .. अरे बाप रे आप लोग तो पूरा प्लान करके बेठे हैं।
पारुल  ..  वैसे  . वो दोनों आपके जानकार भी तो हैं  .. सुना हैं आपके समधी लगते हैं। इसलिए अब आपका काम हैं की उनदोनो को कैसे भी करके रोकना हैं और उनका माल कहा छिपा रखा हैं ये पता करना आपका काम हैं।  वरना  आपने जो जमीन के केस में अंदर। .........
डॉ घुंघरू होटल में आ कर अपने कमरे में सोने की कोशिश करने लगे और सोचने लगे की इन सब से छुटकारा कैसे मिलेगा ?
इन दोनों पार्टी को आपस में कैसे लडवाउ की दोनों कट कर मर जाये और में गंगा जी नहा लु।  गंगा जी। ....
वाह वाह क्या आईडिया हैं गंगा जी। .... जय गंगा मैया की। 


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