Wednesday, 25 May 2016

दिल का आलम

दिल का आलम
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
एक बार नहीं बार बार हो
जब भी उन की गली से गुजरे  उनका दीदार हो
पहले  की तरह उनकी आँखों में नूर हो
पहले की तरह बालों को सवारना हो
पहले की तरह आँखों का मटकना हो
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
आज उनसे मुलाकात की उम्मीद हो
आज वो नज़रो का खेल हो
आज वही शाम महकती हो
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
दिल में ये अरमान लिए हो
दिल में ये तूफ़ान हो
दिल का दिल से मिलान हो
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
नहीं मिल सके उनसे आज भी
नहीं रही वो बात आज भी
नहीं रहा वो महकती हवा भी
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
जब से वो गए हैं नज़रो से दूर
जब से उनकी राह  हो गयी दूर
जब से उनका जाना हुआ दूर
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
सदियाँ  बीत गए उनकी गली से गुजरे
सदियाँ  बीत गए उनसे मुलाकात हुए
आज भी जब भी उनकी याद आती
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो
दिल का ये आलम हैं की फिर उनसे मुलाकात हो

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